Tuesday, September 29, 2015

भगत सिंह की 108 वीं जयंती के अवसर पर सांप्रदायिक,ब्राह्मणवादी और साम्राज्यवादी फासीवादी विरोधी दिवस के रूप में मनाया और मार्च के साथ सभा की!


साथियों,







          आज जैसे जैसे हमारे देश पर साम्राज्यवाद ,सामंतवाद और ब्राह्मणवाद का वर्चस्व बढ़ता जा रहा है,ऎसे समय में भगत सिंह का  विचार ही एक मात्र रास्ता है!जिससे हम अपने देश को आजाद करा सकते है ! भगत सिंह ने उसी समय चेतावनी देते हुए कहा था की आजादी के नाम गोरे अँगरेज़ तो चले जायेगे फिर भी इस देश में कुछ नही बदले वाला है! तथाकथित आज़ादी के 67 सालो बाद भी हमने इसे बहुत अच्छी तरह से देख लिया है,आज भी मजदूर उसी दशा में जी रहे है किसानो की आत्महत्या किसी से छुपी नहीं है,आज भी दलितों को उनका अधिकार नहीं मिला है और तो और बल्कि आज आरक्षण के नाम सारी राजनितिक पार्टिया अपना वोट बैंक मजबूत कर रही है! ये कैसा लोकतंत्र है जो जनता की सरकार बता कर उन्ही का दिन-रात खून बहाने से बाज़ नहीं आ रही है! खैरलांजी और लक्ष्मणपुर बाथे जैसी अमानवीय घटना से हम आज देश की हालत को अच्छी तरह से समझ सकते है! कहने को हम दुनिया में सबसे बड़े लोकतंत्र का ढिंढोरा पीटते है पर एक उदहारण के तौर पर, अगर हम कशी हिन्दू विश्वविद्यालय में आते तो हमे इस लोकतंत्र की खोखली तस्वीर देखने को मिलती है! मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूँ  की BHU कैंपस में हमेश धारा-144 लगी रहती है और यहाँ BHU प्रशासन  PAC फ़ोर्स को हमेशा अपने यहाँ तानाशाही कायम रखने के लिए रखती है,आप और हम तो ये अच्छी तरह से समझ सकते है की यूनिवर्सिटी के अंदर छात्रों और शिक्षको के बीच फ़ोर्स का  क्या काम!
साथियो,
         इस तरह के अलोकतांत्रिक पूर्ण माहौल में हम चुप-चाप कैसे बैठे रह सकते है ,आज समय आ गया है की हम सभी भगत सिंह के विचारो  के साथ संघर्ष करें  ! क्योकि यही एक रास्ता है जिस से हमे मुक्ति मिल सकती है और तब ही हमारे मजदूर साथी को उनका अधिकार,किसानो को उनका जमीन और हुमरे आदिवासी भाइयो को उनका जार जंगल जमीन! भगत सिंह के शब्दों  में जहां एक मनुस्य के दूसरे मनुष्य के द्वारा दूसरे मनुष्य का शोषण असंभव हो जाएगा!
                                                                                                      इंक़लाब जिंदाबाद !

Tuesday, September 22, 2015

प्रो. कलबुर्गी की हत्या के विरोध में मार्च और सभा !!!





आज भगत सिंह छात्र मोर्चा ने कन्नड़ लेखक औए विचारक तथा साहित्य अकादमी से सम्मानित साहित्यकार एम .एम.कलबुर्गी की हत्या के विरोध में मार्च निकाला और सभा का आयोजन किया . जिसमे BHU और शहर के छात्रों और बुद्धिजीवियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और कलबुर्गी के हत्या के विरोध में अपनी आवाज़ उठायी.इस सभा में बी.एच .यू. दर्शनशास्त्र विभाग के प्रो. प्रमोद बागड़े ने कहा की कलबुर्गी की हत्या लोकतंत्र की हत्या है .उन्होंने इस हत्या का पूरजोर विरोध करते हुए सभी छात्र और बुद्धिजीवियों को सड़क पे अाने का आवाहन किया .और छात्र मोर्चा के अध्यक्ष शैलेश ने कलबुर्गी की हत्या को फासीवादी हमला बताया , जिसे भारतीय सरकार की देख-रेख में बड़ी निर्ममता से करवाया जा रहा है .

सही में ये सरकार और फासीवादी हिन्दू संगठन ये नही चाहती की कोई भी व्यक्ति जाती-धर्म,कर्म-कांड और अन्धविश्वास से ऊपर उठा कर सोचे और लिखे ,ये पहले किताबो को जलाते थे और अब देखिये इस नयी सरकार अाने से इनकी इतनी हिम्मत और ताकत बढ़ गयी है की ये दिन-व-दिन कलबुर्गी,दाभोलकर,पानसरे जैसे प्रगतिशील विचारको को सरे आम मार रहे है .शायद अब ये फासीवादी ताकतों का आखरी समय आ गया है ये हम इनकी बौखलाहट से पता कर सकते है.ऎसे में भगत सिंह छात्र मोर्चा सभी साथियो,छात्रों और बुद्धिजीवियों से ये अपील करता है की हम सभी एकजुट होकर इसका विरोध करते रहे जब तक इनको उखाड़ कर न फेके.
इंकलाब जिंदाबाद !!!!